दिल्ली में 22 diversion points, एयरपोर्ट और स्टेशन जाने वालों के लिए अलग योजना
दिल्ली में बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान यातायात पुलिस ने कई स्थानों पर डायवर्जन पॉइंट तैयार किए हैं ताकि वीआईपी रूट और सामान्य यातायात को अलग-अलग संभाला जा सके। करीब दो दर्जन ऐसे बिंदुओं पर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। सबसे अधिक सावधानी उन यात्रियों को रखने की जरूरत है जिन्हें एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन समय पर पहुंचना है।
डायवर्जन का अर्थ हर मार्ग का पूरे दिन बंद रहना नहीं है। सुरक्षा काफिले के गुजरने से पहले और बाद में कुछ हिस्सों पर अस्थायी रोक लग सकती है। समस्या तब बढ़ती है जब एक मार्ग पर रोका गया ट्रैफिक दूसरे रास्तों पर जमा होने लगता है। इसी वजह से सामान्य दिनों में 30 मिनट की यात्रा व्यस्त समय में काफी लंबी हो सकती है।
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए मेट्रो, खासकर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी वाले हिस्से, सड़क यातायात के मुकाबले अधिक अनुमानित विकल्प हो सकते हैं। रेलवे स्टेशन जाने वालों को भी नजदीकी मेट्रो स्टेशन तक पहुंचकर आगे रेल नेटवर्क का इस्तेमाल करने पर विचार करना चाहिए। भारी सामान या बुजुर्ग यात्रियों के साथ सफर करने वालों को अतिरिक्त समय का बड़ा मार्जिन रखना बेहतर होगा।
दिल्ली पुलिस आम तौर पर ऐसे दिनों में लाइव एडवाइजरी और रूट अपडेट जारी करती है। यात्रियों को निकलने से पहले ताजा सूचना देखनी चाहिए, क्योंकि सुरक्षा कारणों से योजना में बदलाव संभव है। कैब बुक करते समय ड्राइवर को गंतव्य और संभावित प्रतिबंधित क्षेत्र की जानकारी पहले देना भी समय बचा सकता है।
स्थानीय निवासियों के लिए चुनौती छोटी दूरी की यात्राओं में भी हो सकती है। स्कूल, अस्पताल, बाजार और दफ्तरों के आसपास वैकल्पिक मार्गों पर अचानक दबाव बढ़ सकता है। प्रशासन की कोशिश आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देने की रहती है, लेकिन आम यात्रियों के लिए सबसे व्यावहारिक रणनीति यही है कि वे अनावश्यक सड़क यात्रा टालें, सार्वजनिक परिवहन चुनें और समय से काफी पहले निकलें।