BRICS रूट पर गड्ढे और खराब स्ट्रीट लाइट ठीक करने के निर्देश
BRICS सम्मेलन से जुड़े प्रमुख मार्गों पर गड्ढों, खराब स्ट्रीट लाइट और सड़क किनारे की अव्यवस्था को ठीक करने के निर्देश ने दिल्ली की बुनियादी नागरिक सुविधाओं पर फिर ध्यान खींचा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही से पहले एजेंसियों ने उन रास्तों की समीक्षा की जहां सड़क की सतह, रोशनी, संकेतक या सफाई में कमी दिखाई दी। अधिकारियों से मरम्मत को प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा गया है।
ऐसे निर्देश बड़े आयोजनों से पहले सामान्य हैं, लेकिन नागरिकों के लिए बड़ा सवाल यह है कि सुधार केवल वीआईपी रूट तक सीमित न रहें। मानसून के बाद दिल्ली की कई सड़कों पर गड्ढे और टूटी सतह दोपहिया चालकों के लिए खास जोखिम पैदा करती है। रात में खराब स्ट्रीट लाइट इस खतरे को और बढ़ाती है। नियमित रखरखाव की कमी होने पर छोटी खराबी कुछ ही हफ्तों में बड़े मरम्मत खर्च में बदल सकती है।
दिल्ली में सड़कों की जिम्मेदारी अलग-अलग एजेंसियों के पास है। इसी वजह से किसी समस्या पर कार्रवाई में विभागीय समन्वय महत्वपूर्ण हो जाता है। एक एजेंसी सड़क ठीक करती है और दूसरी बाद में पाइप या केबल के लिए खुदाई कर दे तो समस्या फिर लौट सकती है। नागरिक समूह लंबे समय से एकीकृत रोड मैनेजमेंट और सार्वजनिक शिकायतों पर तय समय में कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट का मुद्दा सिर्फ यातायात नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा है। पैदल यात्रियों, महिलाओं और देर रात काम से लौटने वालों के लिए अच्छी रोशनी महत्वपूर्ण है। इसलिए सम्मेलन के दौरान किया गया निरीक्षण शहर के दूसरे हिस्सों में भी समान मानक लागू करने का अवसर हो सकता है।
BRICS खत्म होने के बाद असली परीक्षा रखरखाव की होगी। यदि मरम्मत की गुणवत्ता अच्छी रहती है और एजेंसियां नियमित निरीक्षण जारी रखती हैं तो आयोजन से पहले किया गया काम दीर्घकालिक लाभ दे सकता है। लेकिन यदि सुधार केवल कुछ दिनों की सजावट तक सीमित रहे तो नागरिक सुविधाओं से जुड़े पुराने सवाल फिर सामने आएंगे।